training for life

पिछले दिनों की बात है । 
हमारे एक मित्र हैं । बड़ा सम्मान करते हैं हम सब आपका । 
आपने एक status डाला । उनका 18 वर्षीय बेटा अकेला सकुशल Flight से देहरादून पहुंच गया था । 
मने उन्होंने tkt बुक करा के दिल्ली से बैठा दिया था । वो ddn उतर के घर पहुंच गया ।

Ohhhhh no ........
ये status देख पढ़ के सबकी सामान्य प्रतिक्रिया यही होनी थी । हुई भी । भाई साहब को थोड़ा सा बुरा भी लगा । 

Parenting और लीडरशिप पे लिखते हुए मैं हमेशा लिखता हूँ कि Travelling से अच्छी कोई education नही । इससे अच्छा कोई अनुभव नही । अपने बच्चों को ज़्यादा से ज़्यादा Travel कराइये ।

पर कौन सा ट्रेवल ?????
वो नही जो आजकल के माँ बाप अपने इकलौते बच्चों को करा रहे ...... बाप के कमाए पैसे से Flight या ट्रेन में AC 2T की ( ohh नो .....AC 3T is too Crowded ) Seat बुक हो गयी ....... माँ ने सूटकेस पैक कर दिया । 
पापा ने उठाया , कार से Airport छोड़ आये ।
नही तो ट्रेन में बाकायदे Berth पे बैठा के , सूटकेस चेन से बांध के , बारात भर खाने पीने का सामान दे के विदा किया ..... लौंडे ने एक चादर नीचे बिछाई दूसरी कम्बल के नीचे सटा के 24 डिग्री में सोया ...... कुली से सामान उठवा के Ola Uber की cab में रखाया ...... घर पहुंच के status डाला ......Reached Safely ......

दिस ट्राभलिंग इझ नो इजूकेसन ...... ये Travelling वो Education नही है जिसकी हम बात करते हैं । 

***
पिछले महीने की बात है ...... पूरा एक महीना एक ऐसे युवक के साथ बिताने का मौका मिला जो इस समय NDA में ट्रेनिंग कर रहा है । अभी तीसरा साल शुरू हुआ है उसका । 
उसने अपनी ट्रेनिंग के जो जो किस्से सुनाये कि रोंगटे खड़े हो गए ..... सुबह 4 बजे से ले के रात 11 बजे तक , यूँ समझ लीजिये की बस Rope walk है जिंदगी ......जरा सा फिसले लडखडाये , पल भर की लापरवाही हुई नही कि चलो 21 km पूरे किट और राइफल के साथ , हफ्ते में 3 बार , वो भी सिर्फ दो घंटे में ......अगर दो घंटे में नही आया तो चल दोबारा .......
पूरी academy में हर 200 मीटर पे कोई अफसर , उस्ताद , या फिर सीनियर कैडेट खड़ा है जो आपकी चाल , ढाल , उठने , बैठने , बोलने , चलने , cycle चलाने , Uniform पहनने में 1 mm भी इधर उधर हुए तो चल बेट्टा 21 km ..... हो जा शुरू .....
मने uniform पे , जूते पे , रुमाल पे अगर सूई की नोक भर भी निशान है तो चल बेटा 21 km ..... 
पूरे 4 साल तक पल पल हर पल वो 21km का खौफ .... 
Cadet के कमरे में bed के बगल में table पे jug रखा होना चईये । उस jug का handle right साइड में और table से jug की दूरी 1 इंच होनी चाहिए । 
अब अगर 1 इंच बोला है तो एक इंच ही चईये । 
बाकायदे Scale से नाप के 1 इंच ...... अगर 1इंच से सूत भर भी कम ज़्यादा हो गया तो चल बेट्टा .....21 km , नही तो डेढ़ km पक्की सड़क पे front roll ......

बाई गोट की कसम ..... NDA के फौजी अफसर की ट्रेनिंग की कहानियां सुन के , माँ कसम , दहल गए यार ......
व्व लड़का पूरा महीने भर किस्से सुनाता रहा ...... हम सुनते रहे .......
अबे चाहते क्या हो यार ?????
हर चीज़ में इतना perfection , इतनी बारीकी .....आखिर क्यों ??????
पल पल पग पग पे cadet की ऐसी निगरानी , जरा सी चूक की इतनी सजा ????? आखिर चाहती क्या है फौज ???????

उस लड़के ने बताया , अंकिल ...... फौज हमको युद्ध के लिये तैयार करती है ...... युद्ध जहां पल पल पग पग पे मौत है ...... वहां अगर जरा सी चूक हुई तो चीथड़े उड़ जाएंगे ....... गहरी नींद में सोया cadet भी रात में जब पानी पीने के लिए हाथ बढ़ाता है तो उसका हाथ उस नींद और अंधेरे में भी सीधा jug के handle पे ही जाता है और फिर पानी पी के जब जग वापस रखता है तो रात के अंधेरे में भी व्व table से 1 इंच दूर ही होता है .....चार साल में इतना perfect कर देते हैं कि जग को जब भी रखेगा , 1 इंच ही होगा टेबल के कोने से ......
यही perfection फिर हथियार पे काम आता है ....... 40 km मार्च करके आया , 3 रात से सोया नही , फिर भी जरा सी आहट पे हाथ सीधा weapon के trigger पे ही जाता है .......उस समय जरा सा fumble और टंग गयी माला .......फौज उस परिस्थिति के लिए तैयार करती है फौजी को ......
फौज आपको सिर्फ दो चीज़ सिखाती है ......
लड़ना ......
और ज़िंदा रहना ......सही सलामत , लड़ने लायक ज़िंदा रहना ......
Fight & Survive .......

उस युवक की कहानियां सुन सुन हमको सिर्फ एक बात समझ आयी , देश के हर युवा को वही ट्रेनिंग कम से कम एक साल देने की ज़रूरत है .......

***
अब आप बताओ ....... मुह में चांदी का चम्मच लिए पैदा हुआ आपका इकलौता लौंडा या पापा की परी ...... 
उसको लड़ना और हर कीमत पे ज़िंदा रहना ......Fight & Survive .....ये कौन सिखाएगा ????
कैसे सिखाएगा ?????
आप सिखा रहे हैं ?????
सिखा सकते हैं ?????

संघर्ष क्या है ????
थकावट क्या होती है ?????
भूख क्या होती है ?????
ठंड क्या होती है ??????
कठिन से कठिन परिस्थिति में survive कैसे करना है ?????
हर हाल में जिंदा रहना है , और सिर्फ ज़िंदा नही रहना बल्कि Fighting Fit रहना है .......

कैसे सिखाएंगे ???????

है कोई प्लान ???????

Comments

Popular posts from this blog

“काक चेष्टा बको ध्यानं” श्लोक का भावार्थ, मतलब

कैसे बने भगवान विष्णु तिरुपति बालाजी?

quote of the day