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Showing posts from November, 2021

rss dilemma

संघ परिवार : हिन्दू हितों से दरकिनार -शंकर शरण हिन्दू जागृति का राजनीतिक लाभ लेने में संघ-परिवार ‘नेता’ बनता है – पर लड़ने के अवसरों पर कहता है कि ‘मंदिरों के पुजारी क्या कर रहे हैं?’ अपने लिए संघ-भाजपा एक ही लड़ाई जानते हैं, चुनावी। इस के सिवा हर लड़ाई से अबोध या भगोड़े। शाब्दिक लड़ाई से भी बचते बल्कि इस्लामियों, मिशनरियों के प्रति उदारता छलकाते! वह भी मात्र सांकेतिक नहीं – वरन उन्हें ठोस धन, संसाधन, जमीन, मकान, प्रतिष्ठा, और पुरस्कार देते हुए। यह सब हिन्दू हितों के प्रति कितना बड़ा विश्वासघात है, इस का उन में अधिकांश को बोध भी नहीं है। संघ-परिवार में कई तरह के लोग हैं। बहुतेरे उस में हिन्दू भाव और चिंता से ही जुड़ते रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे नेतृत्व में ऊपर जाएं, हिन्दू चेतना घटती मिलती है। यह तथ्य दशकों पहले सीताराम गोयल जैसे मनीषी ने नोट किया था। वही स्थिति आज भी है। कूनराड एल्स्ट के शब्दों में, संघ हिन्दू भावनाओं को राजनीतिक व्यर्थता में बदल देता है।(‘transforms a mass of pro-Hindu dedication into political uselessness) कूनराड दशकों से भारत, विशेषकर हिन्दुओं की हित-चिन्ता में लिखते...

Sujan Singh history

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(सूजन सिंह का इतिहास आज तक क्यू नही पढ़ाया गया हमें) 7 मार्च 1679 ईo की बात है,  ठाकुर सुजान सिंह अपनी शादी की बारात लेकर जा रहे थे, 22_वर्ष_के_सुजान_सिंह किसी देवता की तरह लग रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो देवता अपनी बारात लेकर जा रहे हों.. उन्होंने अपने दुल्हन का मुख भी नहीं देखा था, शाम हो चुकी थी इसलिए रात्रि विश्राम के लिए "छापोली" में पड़ाव डाल दिये। कुछ ही क्षणों में उन्हें गायों में लगे घुंघरुओं की आवाजें सुनाई देने लगी, आवाजें स्पष्ट नहीं थीं, फिर भी वे सुनने का प्रयास कर रहे थे, मानो वो आवाजें उनसे कुछ कह रही थी। सुजान सिंह ने अपने लोगों से कहा, शायद ये चरवाहों की आवाज है जरा सुनो वे क्या कहना चाहते हैं। गुप्तचरों ने सूचना दी कि युवराज ये लोग कह रहे है कि कोई फौज "देवड़े" पर आई है। वे चौंक पड़े और फिर कहा कि कैसी फौज, किसकी फौज, किस मंदिर पे आयी है ? जवाब आया "युवराज ये औरंगजेब की बहुत ही विशाल सेना है, जिसका सेनापति दराबखान है, जो खंडेला के बाहर पड़ाव डाल रखी है। कल खंडेला स्थित श्रीकृष्णमंदिर को तोड़ दिया जाएगा । निर्णय हो चुका था, एक ही पल में सब कुछ बदल गया...

real solution for traffic lockdown

We need a traffic lockdown for just 4 days to bring down AQI for NCR Delhi region. That is only for immediate respite.  Permanent solution is forever areas with permanent green cover. Moisture plays a key role. We need to revive all ponds, lakes and water bodies in NCR. Crop stubble burning and crackers are just temporary issues. Long term is having massive areas permanently under forest areas with good number of water bodies.  Forest and water bodies are like a sponge. They absorb all pollutants and are the only effective carbon sinks. This is basic science. We need to go back and refer to our school books. Only nature can save us. So let's not waste time with smog towers and twitter wars. Let's stick to basics. We need to work on forests and water bodies.  #delhipollution #delhincrpollution #pollution #airpollutionindia #peepalbaba #indiaahead #stoppollution