Posts

Showing posts from September, 2021

“काक चेष्टा बको ध्यानं” श्लोक का भावार्थ, मतलब

Image
  श्लोक: काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च । अल्पहारी गृह त्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं ॥ भावार्थ: कौआ की तरह चतुर, बगुला की तरह ध्यान करने वाले, स्वान की तरह कम निंद्रा , तथा कम खाने वाला, ग्रह का त्याग करने बाले ही विद्यार्थी के पांच लक्षण हैं। भावार्थ 2: एक विद्यार्थी को कौव्वे की तरह जानने की चेष्टा करते रहना चाहिए, बगुले की तरह मन लगाना(ध्यान करना) चाहिए, कुत्ते की तरह सोना चाहिए, काम से काम और आवश्यकतानुसार खाना चाहिए और गृह-त्यागी होना चाहिए। यही पांच लक्षण एक विद्यार्थी के होते है अंग्रेजी में अर्थ: A student should be alert like a crow, have concentration like that of a Crane and sleep like that of a dog that wakes up even at slightest of the noise. The student should eat scantily to suffice his energy needs and neither less not more. Also he should stay away from chores of daily house hold stuff and emotional attachment. विद्यार्थियों के लिए अन्य श्लोक: विद्यां ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥ भावार्थ: पढ़ने-लिखने...

भारत का गौरवशाली इतिहास – विश्व विजेता सम्राट सुधन्वा चौहान

Image
  भारतीय इतिहास का महाविनाश कोई बदल नहीं सकता। कई महाशय कहते हैं इतिहास में जो गुजर गया उसे देख कर क्या होगा? वर्तमान में जो हो रहा हैं उसे देखिये। यह लेख उनकी बातों का उत्तर है। “मैक्स-मुलर ने भारत आते ही सर्वप्रथम हिन्दुओ के पराक्रम एवं भुजाओं की शक्ति के बारे में जानना चाहा, जब उसको इतिहास बताया गया उसका सर घूम गया। इतिहास सुनकर उसने अपने साथी से कहा अगर यह इतिहास नहीं मिटाया गया तो ये हमें दुनिया से मिटा देंगे क्योंकि पूर्वजो के इतिहास से इन्हें उर्जा मिलती है। इनके इतिहास में इनकी शक्ति छुपी है। उसके बाद इस गोरे सियार को युक्ति सूझी और इसने हिन्दू राजाओ को निर्बल ठहराया। मुस्लिम आक्रमणकारीयों ने लगभग आधा यूरोप जिहाद कर के अपने कब्जे में ले लिया था परन्तु भारतवर्ष से सनातन धर्म को नही मिटा पाये। इस्लामिक इतिहासकार ने भी माना था हिन्दू योद्धाओ के बाहुबल का लोहा। यह तो मैक्स मुलर की हिंदुओं के प्रति नफरत थी जिसने इतिहास को बदल दिया और मुग़ल, यवन, यूनान को ताकतवर बताया एवं हिन्दू राजाओ को निर्बल, गद्दार, इत्यादि। बहुत ही शर्म की बात है मैंने कई पेज एवं जातिवादी ब्लॉगर को देखा हैं ज...

Aarakshan

  जिसको आरक्षण दिया जा रहा है वो सामान्य आदमी बन ही नहीं पा रहा है…. जैसे किसी व्यक्ति को आरक्षण दिया गया और वो किसी सरकारी नौकरी में आ गया!अब उसका वेतन ₹5500 से₹50000 तक महीना है पर जब उसकी संतान हुई तो फिर वही से शुरुआत ! फिर वही गरीब पिछड़ा और सवर्णों के अत्याचार का मारा पैदा हुआ । उसका पिता लाखों रूपए सालाना कमा रहा है तथा उच्च पद पर आसीन है।सारी सरकारी सुविधाए ले रहा है। वो खुद जिले के सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है और सरकार उसे पिछड़ा मान रही है। सदियों से सवर्णों के अत्याचार का शिकार मान रही है। आपको आरक्षण देना है बिलकुल दो पर उसे नौकरी देने के बाद सामान्य तो बना दो । यह आरक्षण कब तक मिलता रहेगा उसे ?? इसकी भी कोई समय सीमा तो तय कर दो कि बस जाति विशेष में पैदा हो गया तो आरक्षण का हकदार हो गया। *दादा जी जुल्म के मारे, बाप जुल्म का मारा तथा पोता भी जुल्म का मारा! वाह रे मेरे देश का दु:भा्ग्य!* जिस आरक्षण से उच्च पदस्थ अधिकारी , मन्त्री , प्रोफेसर , इंजीनियर, डॉक्टर भी पिछड़े ही रह जायें, ऐसे असफल अभियान को तुरंत बंद कर देना चाहिए । जिस कार्य से कोई आगे न बढ़ रहा हो उसे जारी रखना ...